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टोक्यो ओलिंपिक में अनुभव व तकनीक से हॉकी में पदक दिलाएंगी मोनिका

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ओलिंपिक गेम्स (रियो-2016) के लिए क्वालिफाई कर एक नया इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रह चुकी मोनिका मलिक को टोक्यो ओलंपिक के लिए भी भारतीय महिला हॉकी टीम में चुना गया है। युवा खिलाड़ियों से सुसज्जित भारतीय महिला टीम को मोनिका मलिक के अनुभव और युवा जोश के बेहतरीन संगम का विशेष लाभ मिलेगा।

उपायुक्त ललित सिवाच ने मोनिका को ओलंपिक में चयन के लिए बधाई देते हुए सफल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। गोहाना खंड के गांव गामड़ी की मूल निवासी मोनिका का जन्म 5 नवंबर, 1993 को हुआ। बचपन से ही पिता तकदीर सिंह से खेलों के लिए मिले प्रोत्साहन से मोनिका ने 8वीं की पढ़ाई के दौरान ही हॉकी की ओर कदम बढ़ा दिए। हालांकि पिता उन्हें कुश्ती में आगे बढ़ाना चाहते थे, किंतु बेटी की रूचि को देखते हुए उन्होंने मोनिका को हॉकी में ही आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया।

हॉकी कोच राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में मोनिका ने हॉकी की बारीकियां सीखी। अपनी मेहनत, प्रतिभा, क्षमता के बल पर वह तेजी से एक दमदार खिलाड़ी के रूप में उभरी। स्कूल व कालेज स्तर पर उनके खाते में उपलब्धियों की भरमार है। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी उपलब्धियों से झोली भरी हुई है।

उनकी सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि ओलिंपिक के रूप में है। वे कहती हैं कि वर्ष 1980 में भारतीय महिला हॉकी टीम को ओलिंपिक गेम्स में बुलाया गया था क्योंकि उस वक्त दक्षिण अफ्रीका की टीम हिस्सा नहीं ले सकी थी। जबकि सही मायनों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने रियो ओलंपिक-2016 के लिए क्वालीफाई किया। ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकी। अब दूसरी बार टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम ने क्वालीफाई किया है, जिसमें टीम के बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीदें हैं।

मोनिका मलिक की कुछ विशेष उपलब्धियां

मोनिका मलिक ने वर्ष 2012 में बैंकॉक में हुए छठे जूनियर एशिया कप में खेलते हुए रजत पदक जीता। वर्ष 2013 में उन्होंने जर्मनी में हुए जूनियर वल्र्ड कप में कांस्य पदक झटका तथा इसी वर्ष आयोजित तीसरी एशियन चैम्पियनशिप ट्रॉफी में रजत पदक प्राप्त किया।

वर्ष 2014 में उन्होंने भोपाल (मध्यप्रदेश) में हुए चौथे सीनियर नेशनल गेम्स में रजत पदक झटका। यही नहीं इस प्रतियोगिता में मोनिका को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिताब से भी नवाजा गया। वर्ष 2014 में ही कोरिया में आयोजित 17वें एशियन गेम्स में खेलते हुए उन्होंने कांस्य पदक झटका।

इसके अलावा उन्हें हॉकी वल्र्ड लीग राउंड-2015 में भी जगह मिली, जिसमें उन्होंने जीत का परचम लहराया। इसके अलावा मोनिका ने विश्वविद्यालय स्तर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से खेलते हुए वर्ष 2012 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी हॉकी चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता जबकि वर्ष 2013 व वर्ष 2014 में लगातार स्वर्ण पदक झटके।

अभी हाल ही में वर्ष 2016 में सिंगापुर में आयोजित एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी में भारतीय टीम ने स्वर्णिम पताका फहराई है, जिसमें मिड फिल्ड मोनिका मलिक ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्हें वर्ष 2014 में सीनियर नेशनल गेम्स में दमदार प्रदर्शन के बल पर सेंट्रल रेलवे में नौकरी मिली।

आइमर हैं मोनिका की आदर्श खिलाड़ी

अर्जेंटीना की प्रसिद्ध खिलाड़ी आइमर को मोनिका मलिक अपनी आदर्श खिलाड़ी मानती हैं। आइमर को खेलते देखकर वे बहुत कुछ सीखती हैं। उनका कहना है कि आइमर हर प्रकार की परिस्थितियों में टीम को मजबूती प्रदान करती हैं।

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