ओडिशा पहुंचा कोविड का सब-वैरिएंट जेएन.1, आईएनएसएसीओजी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा, देश में अब इतने मामले

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ओडिशा में कोविड के सब-वैरिएंट जेएन.1 का एक मामला सामने आया है. इंडियन सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) की ओर से देश भर में इस मामले की संख्या से जुड़े आंकड़े जारी किए जाने के बाद इसका पता चला है. आईएनएसएसीओजी ने कहा है कि देश में अब इस सब-वैरिएंट की कुल संख्या बढ़कर 196 हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारत में कोरोना वायरस के 636 नए मामले सामने आये हैं. वहीं, अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 4,394 है. आईएनएसएसीओजी के आंकड़े सामने आने के बाद ओडिशा उन राज्यों में शुमार हो गया, जहां कोरोना वायरस के इस उपस्वरूप की मौजूदगी का पता चला है. अब तक देश के 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वायरस के जेएन.1 सब-वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं.

इन राज्यों में पहुंच चुका है कोरोना का सब वैरिएंट जेएन.1

आईएनएसएसीओजी के अनुसार, ओडिशा समेत जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना का सब-वैरिएंट जेएन.1 पहुंच चुका है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • केरल में 83

  • गोवा में 51

  • गुजरात में 34

  • कर्नाटक में 8

  • महाराष्ट्र में 7

  • राजस्थान में 5

  • तमिलनाडु में 4

  • तेलंगाना में 2

  • ओडिशा में 1

  • दिल्ली में 1

दिसंबर में 179 मामले सामने आए

आईएनएसएसीओजी के आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर 2023 में देश में सामने आए कोविड के कुल मामलों में 179 जेएन.1 के थे, जबकि नवंबर में ऐसे मामलों की संख्या 17 थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस के ‘जेएन.1’ स्वरूप के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ करार दिया है. डब्ल्यूएचओ ने साथ ही यह भी कहा कि इससे वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा नहीं है.

देश में कोरोना के 636 मामले आए सामने

हाल के सप्ताहों में, कई देशों से जेएन.1 के मामले सामने आते रहे हैं और वैश्विक स्तर पर इसका प्रसार तेजी से बढ़ा है. देश में कोविड मामलों की संख्या में वृद्धि और जेएन.1 सब-वैरिएंट का पता चलने के बीच केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस के 636 नए मामने सामने आये हैं, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,394 है.

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