सोनीपत समाचार: हॉकी ग्राउंड के 17 लाख से फिरेंगे दिन, टेंडर अललॉट

सोनीपत

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हॉकी मैदान की लागत 17 लाख रुपये, टेंडर आवंटित

सेक्टर-4 के सेक्टर-4 स्टेडियम के हॉकी मैदान में फ़्लोरिडा एस्ट्रोटॉर्फ स्थित है। संवाद

। सेक्टर-4 स्थित खेल स्टेडियम के हॉकी मैदान का शीघ्र निर्धारण किया जाएगा। हॉकी ग्राउंड्स के होटल्स और प्लेयर्स को बेहतरीन उपलब्ध डिज़ाइन के उद्देश्य से इस पर 17 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे। समकालीन लेकर टेंडर अलॉट कर दिया गया है। इस पैसेज से मैदान पर गोल पोस्ट मोड़ जाएगा, टूटी हुई जेलों को पिछाड़ी जाएगा, चट्टाने एस्ट्रोटॉर्फ की पकड़ जाएगा। साथ ही मैदान पर दो वॉटर गन भी उपलब्ध हैं। व्यवस्थाएं तय करना खिलाड़ी के लिए बेहतर तरीके से अभ्यास करना उचित है।

मछली के हॉकी खिलाड़ियों ने अपने खेल प्रतिभा के दम पर जिले का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। इसके बावजूद जिले में हॉकी खेल का अभ्यास सर्वोत्तम चुनौतियों के लिए नहीं है। सेक्टर-4 स्थित खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस करने के लिए हॉकी मैदान तो हैं, लेकिन यहां के फीचर्स के नाम पर चैलेंज एस्ट्रोटैर्फ, खेल मैदान की टूटी-फूटी जेलियां, खस्ताहाल गोल पोस्ट ही नजर आ रहे थे। खिलाड़ी, कोच और अभिभावक भी खेल के मैदान की दशा टीमों के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन मैदान में खिलाड़ियों को स्थापित करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। आईएसएस प्लेयर्स को पॉडकास्टाना लग रहा था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था। अब प्रशासन की ओर से सबसे पहले अब मैदान की दशा बिल्डिंगों की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।

नगर निगम निगम व्यवस्थाएं

हॉकी मैदान में व्यवस्था सुधार को लेकर 17 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर अलॉट कर दिया गया है। इसके तहत मैदान में दो गोल पोस्ट साधारण प्लांट, क्रीड़ा पट्ट जालो को स्थापित किया जाएगा। एस्ट्रोटर्फ जहां से उद्यम हुआ है, वहां तलाश करेगा, डी एरिया की भी मरम्मत करेगा। इसके साथ ही मैदान पर दो वॉटर गन भी जरूरी है। पानी की जो मोटर खराब है, उसे भी जोड़ देगा। अधिकारियों का कहना है कि मैदान पर जो कमियां हैं उन्हें दूर कर दिया जाएगा। जिनके खिलाड़ियों को फ़ायदा होगा।

वर्ष 2015 में एस्ट्रोटॉर्फ बनकर तैयार हुआ

हॉकी में खिलाड़ियों को पारंगत करने के लिए वर्ष 2015 में सेक्टर-4 स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में एस्ट्रोटॉर्फ तैयार किया गया था। जहां एक समय महिला खिलाड़ी होती है, वहीं दूसरी बार पुरुष खिलाड़ी हॉकी का अभ्यास करने के लिए आते हैं। करीब साढ़े चार साल से इस मैदान का हाल बुरा था। गोल पोस्ट चकनाचूर हो गए हैं, जेलियां चकनाचूर हो गई हैं, एस्ट्रोटॉर्फ कई जगहों से बना है। जहां प्रैक्टिस टाइम प्लेयर्स को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। डाउन गोलपोस्ट की वजह से कई खिलाड़ी घायल भी हो गए हैं।

मसाले मिलें तो देश का नाम रोशन कर सकते हैं: सर्वोत्तम सिवाच

सेक्टर-4 स्थित खेल स्टेडियम के हॉकी मैदान पर खिलाड़ियों के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। एस्ट्रोटर्फ फ़्लोरिडा पैक है, जेल चिप्स बने हुए हैं, गोल पोस्ट नहीं है, पानी की सुविधा नहीं है। महिला खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम तक नहीं है। आठ महीने से खिलाड़ी अभ्यास तक नहीं कर पा रहे हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलीं तो वह देश का नाम रोशन कर सकते हैं। हॉकी खिलाड़ी सुमित कुमार, नॉएजी गोयल, नॉए वारसी और शर्मिला ओलम्पिक तक ईस्टर और न्यूयॉर्क का नाम विश्व पटल पर रोशन किया गया है। इन खिलाड़ियों ने इसी मैदान पर हॉकी का अभ्यास किया था।

सीता सिवाच, द्रोणाचार्य कोच, कोच एवं भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कप्तान

संस्करण

सेक्टर-4 स्थित हॉकी मैदान के सुधारीकरण में 17 लाख रुपये खर्च हुए। ग्राउंड फ्लोर पर दो गोल पोस्ट प्लांट, मशाल जाल को पिंच करेगा, एस्ट्रोट्रैफ की पकड़ेगी व वॉटर गन की मांग। इसके अलावा जो कमियां हैं, उन्हें दूर कर खिलाड़ियों को बेहतर उपकरण दिए गए हैं। नवीनतम लेकर टेंडर अलॉट कर दिया है। जल्द ही काम भी शुरू करवा दिया जाएगा।

अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुड़गांव

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