केएमपी, केजीपी व नेशनल हाईवे-44 समेत 11 स्थानों पर किसानों ने लगाया जाम

दिल्ली एनसीआर राजनीति सोनीपत

सोनीपत। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान संगठनों के भारत बंद का जिले में व्यापक असर दिखाई दिया। किसानों ने बंद को सफल बनाने के लिए दिल्ली से आवागमन के एकमात्र मार्ग केएमपी व केजीपी को भी जाम लगा दिया। किसानों ने राई गांव के पास नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया। जिससे वाहनों की कतार लग गई। हालांकि तीन बजे के बाद जाम को खोल दिया गया। किसानों ने जिले में 11 स्थानों पर मार्ग जाम कर अपना रोष जताया। पेट्रोल पंप एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने भी किसान आंदोलन में अपना योगदान दिया।

गोहाना में 6 मार्गों पर किसानों ने जाम लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा सोनीपत में गोहाना रोड बाइपास पर ऑल इंडिया कृषक खेत मजदूर संगठन के सदस्यों ने बीच सड़क धरना देकर जाम लगाए रखा, जिसके कारण वाहन चालकों की लंबी कतारें लगी रही। साथ ही बड़वासनी नहरों की ओर जाने वाले रास्तों को पहले से ही पुलिस ने बंद कर रखा था। बड़वासनी गांव के सामने भी किसानों ने जाम लगाकर रोष जताया। वहीं, खरखौदा में सोनीपत बाईपास पर भाकियू, किसान संगठनों ने जाम लगाया और नारेबाजी भी की। अनाज मंडी व सब्जी मंडियों को किसानों के समर्थन में पूरी तरह से बंद रखा गया। जिले के पेट्रोल पंपों को बंद रखा गया। बाजारों में किसी तरह के उपद्रव से बचने के लिए घोड़ा पुलिस निरंतर निगरानी पर रही। घुड़सवार पुलिस कर्मी स्थिति का जायजा लेते रहे।


जीटी रोड और केएमपी-केजीपी जाम से बिगड़े हालात
कुंडली बॉर्डर पर किसानों के जमावड़े के कारण सबसे ज्यादा हलचल रही। यहां किसानों ने खुद मोर्चा संभाला और बाइक सवार वाहन चालकों को भी वापस लौटाया। इसके साथ ही राई तहसील के पास पंजाब के किसानों के साथ ही स्थानीय किसानों ने जीटी रोड पर ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया। किसान सड़क के बीच में बैठ गए। यहां कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई बार वाहन चालकों से झड़प की नौबत भी आई, लेकिन किसानों ने हाथ जोड़कर उन्हें साथ देने की अपील की। प्रशासन ने दावा किया था कि केजीपी-केएमपी को खुला रखा जाएगा, लेकिन किसानों ने प्रशासन की नहीं चलने दी और यहां पहुंचकर दोनों ओर से आवागमन बंद करवा दिया। किसानों ने केएमपी के मुहाने पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर मार्ग बंद कर दिया। साथ ही किसान सड़क मार्ग पर बैठ गए। केएमपी पर करीब 3 किलोमीटर पर लंबा जाम लगा रहा। किसानों के जाम के कारण

वाहन चालकों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
गोहाना रोड पर किसानों और कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों और कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को शहर के गोहाना रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोषित किसानों ने कहा कि सरकार ने तीन कृषि कानूनों को लागू करके किसानों के साथ धोखा किया है।


गोहाना में छह स्थानों पर जाम लगाकर जताया रोष
किसानों ने अकेले गोहाना में छह स्थानों पर जाम लगाकर रोष जताया। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को सरकार को पूरा करना ही होगा। गोहाना में किसानों ने गोहाना-जींद मार्ग पर गांव बरोदा के सामने, गांव नूरनखेड़ा के सामने, गोहाना-महम मार्ग पर गांव मदीना के पास, गांव कथूरा के पास व गांव मुंड़लाना और गोहाना-जुलाना रोड पर बरोदा के पास मार्ग को जाम रखा गया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।


खरखौदा में रखा गया जाम
खरखौदा में भारत बंद का मिला-जुला असर रहा। शहरबञमें सुबह के समय कई दुकानें खुली रही। अनाज मंडी एसोसिएशन व सब्जी मंडी एसोसिएशन की तरफ से बंद का समर्थन करने पर मंडिय़ों को बंद रखा गया। दहिया खाप के तपों से किसान ट्रैक्टर लेकर खरखौदा शहर में पहुंचे। शहर के मुख्य बाजार में उन्होंने दुकानों को बंद करने की अपील की। जिसके बाद शहर की दुकानें बंद दिखाई दी। बाद में किसानों ने बाईपास पर सोनीपत चौक पर एक बजे तीन रास्तों पर ट्रैक्टर लगाकर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन के ब्लाक प्रधान जयसिंह नकलोई, ब्लाक समिति, खरखौदा उपाध्यक्ष रोहताश दहिया, नंबरदार बलवान सेहरी, बारह प्रधान अतर सिंह, राजेश निरथान, राजेंद्र सिसाना, राजकुमार पहलवान, रमेश, रणबीर, बिजेंद्र, धर्मबीर फौगाट, पूर्व सरपंच कुलदीप, जयपाल आदि मौजूद रहे।


पेट्रोल पंप एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने किया समर्थन
किसानों के भारत बंद का पेट्रोल पंप एसोसिएशन व जिला बार एसोसिएशन ने समर्थन किया। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान प्रविंद्र खत्री ने बताया कि किसानों की जायज मांगों में उनके साथ है। सरकार को किसानों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए। वहीं जिला बार एसोसिएशन प्रधान संदीप शर्मा स्वीटी के नेतृत्व में वकीलों ने बैठक कर मंगलवार को वर्क सस्पेंड रखा। अधिवक्ताओं ने किसान का साथ देने का आह्वान किया।

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