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गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने संयुक्त किसान मोर्चा पर साधा निशाना, बताया क्यों करते हैं चुनाव लड़ने की बात

कुंडली राजनीति विशेष सोनीपत

संयुक्त किसान मोर्चा से सात दिन के लिए निलंबित किए जाने पर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पंजाब के किसान संगठनों को आड़े हाथों लिया है। पंजाब के संगठनों पर निशाना साधते हुए उन्होंने मोर्चा की कार्रवाई को तनाशाही करार दिया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में सबसे ज्यादा काम उन्होंने किया है और ज्यादा काम करने वालों से एक चिढ़ पैदा हो जाती है, जो पंजाब के नेताओं में पैदा हो गई है।

एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि 25 नवंबर, 2020 को जत्था लेकर दिल्ली पहुंचने के दौरान उन्होंने बैरियर तोड़ना शुरू किया था। वीडियो वायरल हुआ तो पंजाब के युवा बागी हुए और आगे आ गए। मजबूरी में पंजाब के नेताओं को भी पीछे आना पड़ा। इस वजह से इन्होंने खुद को छोटा महसूस कर लिया, हमने तो छोटा नहीं दिखाया।

राजनीति पर चढ़ूनी ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने भी कहा है कि राज बिना धर्म नहीं चलता है। चाणक्य ने भी कहा कि अच्छे आदमी राजनीति से दूर रहेंगे, तो बुरे लोग हमारे ऊपर राज करेंगे। आंदोलन में कामरेड भी हैं, योगेंद्र यादव भी हैं और उनकी विचारधारा है, चुनाव भी लड़ो आंदोलन भी लड़ो और वे कर रहे हैं, लेकिन हमने तो केवल एक विचार रखा है। इस पर तो किसी तरह की कार्रवाई बनती ही नहीं है। हमने आंदोलन बंद करने को थोड़े ही कहा। आंदोलन में सबसे ज्यादा मुकदमे हमारे ऊपर हैं।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी के गांवों में घुसने पर लगाई पाबंदी

कृषि कानूनों की खिलाफत के नाम पर राजनीति चमका रहे भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी के खिलाफ किसान लामबंद होने लगे हैं। पंचकूला के बागवाली गांव में किसानों ने पंचायत कर चढ़ूनी पर लोगों से पैसे लेने और राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाते हुए गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी। साथ ही संयुक्त मोर्चे को साधुवाद दिया जिसने चढ़ूनी को निलंबित कर दिया है।

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