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शिक्षा:ऑफलाइन व ऑनलाइन होगी पढ़ाई-9वीं से 12वीं तक के स्कूल 16 जुलाई से शुरू हो रहे हैं

ब्रेकिंग न्यूज़ विशेष शिक्षा सोनीपत

कोरोना की दूसरी लहर के कम होते प्रभाव के बीच स्कूल एक बार फिर से खोले जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूल संचालकों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। नौवीं से 12वीं तक के स्कूल 16 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। हालांकि अभी ऑफलाइन व ऑनलाइन क्लास दोनों ही संयुक्त रूप से जारी रहेगी। अभिभावकों को अभी भी ऑनलाइन क्लास का एक विकल्प दिया जाएगा। स्कूलों की ओर से इस बाबत बाकायदा अभिभावकों से सलाह भी ली जाएगी।

स्कूलों के लिए चुनौती
स्कूल शुरू होने के आदेश के बाद अगली बड़ी जिम्मेदारी स्कूलों पर भी आ जाती है. उन्हें बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है और माता-पिता को भी भरोसा दिलाना है, लेकिन, बच्चों की संख्या, उनका घुलना-मिलना, ट्रांसपोर्ट और साफ-सफाई ऐसी चुनौतियां हैं जिनका स्कूलों को सामना करना है।

सुरक्षित माहौल देना प्राथमिकता
साउथ प्वाइंट स्कूल के चेयरमैन दिलबाग सिंह खत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों और अपने स्टाफ को सुरक्षित माहौल देना है। इसके लिए आधे ही बच्चों को बुलाएंगे बाकि बच्चे ऑनलाइन कक्षा अटैंड करेंगे और अगले दिन स्कूल आएंगे। हर कक्षा के बाद डेस्क को सैनिटाइज किया जाएगा। जी थ्री स्कूल के चेयरमैन सुधीर जैन ने कहा कि हमारी तैयारी बेहतर है, विद्यार्थियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पढ़ाया जाएगा। किसी पर दबाव नहीं होगा, विद्यार्थी पढ़ाई नियमित करें, यही ध्येय होगा।

हर किसी के दिमाग में यह सवाल
बच्चे को स्कूल भेजना चाहते हैं, लेकिन कोरोना का डर भी है, क्या बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख पाएंगे, क्या बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद ही स्कूल भेजें। ऐसे कई सवाल हैं जिनसे आजकल लगभग हर माता-पिता जूझ रहे हैं। इसी के मद्देनजर शिक्षा विभाग की ओर से बीईओ स्तर पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

डिप्टी डीईओ नवीन गुलिया ने बताया कि जिसमें सभी को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर स्कूल की मौलिक स्थिति की जांच करें, स्कूल में सैनिटाइजेशन पर विशेष फॉक्स करने को कहा गया है। विद्यार्थियों के बैच को लेकर भी स्कूलों को टीचरों के साथ बैठकर मीटिंग करनी होगी।

इन बातों का अभिभावकों को रखना होगा ख्याल

  • स्कूल जाने के लिए बच्चों को जल्दी उठना होगा और फिर जल्दी सोना भी होगा. इसलिए ये ना सोचें की स्कूल खुलने पर अपने आप रूटीन बदल जाएगा. पहले से ही इसमें बदलाव लाने की कोशिश करें.
  • लगभग एक साल से बच्चे घर से सहज माहौल में अपने माता-पिता के साथ क्लास कर रहे थे. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा तो उनकी तरफ से कुछ आनाकानी देखने के मिल सकती है। ऐसे में आनेवाले वक्त में बच्चों में व्यवहार संबंधी परेशानियां, चिड़चिड़ापन और भावनात्मक मुश्किलें भी देखने को मिल सकती है. इसलिए माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वो थोड़ा संयम बरतें।
  • महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदल गया है. उन्होंने लिखना कम कर दिया है जो कि स्कूल में जरूरी होता था. ऐसे में स्कूल खुलने से पहले ही इस पर काम करना शुरू कर देना चाहिए।
  • बीते कुछ महीनों से बच्चे तकनीक का (फ़ोन, लैपटॉप, कम्प्यूटर) का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, इस पर भी नियंत्रण करना होगा।
  • माता-पिता बच्चों के लिए लंच घर से बना कर भेजें। साथ ही उसके बैग में सैनिटाइज़र और मास्क भी रखें।

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