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शिक्षा का उजियारा फैलाने को बनाया फाउंडेशन, बच्चों के हाथों से कटोरा छुड़वाकर थमाईं किताबें

विशेष शिक्षा सोनीपत

सोनीपत। सभी लोग अपने बच्चे को शिक्षित बनाकर भविष्य में बड़ा आदमी बनाना चाहते हैं, लेकिन कई लोगों के सामने आर्थिक स्थिति बाधा बन जाती है। गरीबी के कारण उनके बच्चे पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों की मदद कर रहा है स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन।

चार युवाओं ने जनवरी 2019 में यूथ बिल्ड यूथ (युवाओं द्वारा युवाओं का निर्माण) का ध्येय लेकर स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन बनाने का विचार रखा था। जिसमें संस्था के संस्थापक छात्र नितिन जैन, वंदना जैन, प्रियंका व अभिषेक ने संस्था की नींव रखी। इसके साथ ही संस्था में मार्गदर्शन के लिए मीनू अग्रवाल, विजय जैन, प्रवीन जैन, रमेश जैन व नवीन जैन को भी शामिल किया गया। इसके बाद संस्था सदस्यों ने भीख मांगने वाले 43 बच्चों के हाथों से कटोरा छुड़वाकर किताबें थमा दी। कॉपी-पेन, पेंसिल से शुरू किया गया अभियान अब कंप्यूटर शिक्षा तक ले जाने की पहल शुरू हो गई है। यह अभियान केवल भीख मांगने वाले बच्चों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर जरूरतमंद बच्चे को ज्ञान दिया जा रहा है। जरूरतमंद बच्चों के परिजनों को भी मदद दी जा रही है, ताकि वह अपने बच्चों की शिक्षा में अड़चन पैदा नहीं कर सके।
संस्था में 100 सक्रिय सदस्य
संस्था में छात्रों के साथ ही बड़ों को भी जोड़ा जाने लगा। अब संस्था में 100 सक्रिय वालंटियर और 300 अन्य सदस्य हैं जो जरूरतमंदों को शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं। संस्था के सदस्यों ने सबसे पहले सेक्टर-12 में जरूरतमंद बच्चों को पार्क के अंदर हर रविवार को शिक्षा देने का अभियान शुरू किया था जो वहां लगातार जारी है। अब संस्था तीन स्थानों पर पाठशाला चला रही है। जिसमें 200 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
43 बच्चों के हाथ से कटोरा लेकर थमाई किताब
संस्था ने भीख मांगने वाले बच्चों को नया जीवन देने की ठान ली। संस्था के सदस्यों ने भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षा देनी शुरू कर दी। उन्हें कॉपी पेंसिल देकर पार्क के अंदर कक्षा लगानी शुरू कर दी। हालांकि बच्चों के अभिभावकों ने शुरुआत में इसका विरोध किया, लेकिन संस्थान के सदस्यों ने उनके अच्छे भविष्य के लिए उन्हें तैयार कर लिया। उसके बाद संस्था के सदस्य ही इन बच्चों का स्कूल व खानपान तक का खर्च वहन कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनके परिजनों को भी सूखा राशन देते हैं, ताकि वह अपने बच्चों को फिर से भीख मांगने न भेज दें।
कापी-पेन के बाद अब कंप्यूटर का दे रहे ज्ञान
जरूरतमंद बच्चों को कापी-पैन पकड़ाकर उन्हें लिखना-पढ़ना सीखाने के बाद उन्हें अब कंप्यूटर का ज्ञान भी देने लगे हैं। वालंटियर स्वयं अपने लैपटॉप लेकर पाठशाला में आते हैं। जरूरतमंद बच्चों को कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान देने के साथ ही अब उन्हें कंप्यूटर की बारीकी से भी अवगत कराया जाने लगा है।
संस्था ने बढ़ाया दायरा, समाजसेवा के 10 बिंदुओं को किया शामिल
अब संस्था समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा कार्य करने का अभियान शुरू कर रही है। फाउंडेशन ने अब दस बिंदुओं को शामिल किया है।
-शिक्षा : वंचित बच्चों को शिक्षित करना।
-आओ बहनों चुप्पी तोड़ें: सेनिटरी नैपकिन पैड वितरण व स्वच्छता जागरूकता

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