लापरवाही से सड़ गया गरीबों का निवाला:खुले में रखा गेहूं बारिश में भीगा, देखने तक नहीं गए जिम्मेदार, 340000 किलोग्राम से ज्यादा बर्बाद

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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदामों में रखा जो गेहूं गरीबों तक पहुंचना था, वह अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़ गया। यह कार्यालय परिसर में बनाए गोदाम के बाहर खुले में रखा था। गेहूं बरसात में भीगता रहा। अधिकारी खराब हुए गेहूं को अलग करने का कार्य करा रहे हैँ। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्ष 2019 में मंडियों से गेहूं खरीदकर गोदामों में रखवाया था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में बनाए गोदाम के बाहर खुले में गेहूं रखा हुआ था। जून में डीएफएससी द्वारा बनाई कमेटी द्वारा जून माह में गोदाम के स्टॉक की जांच की गई थी। वहां पर करीब 6800 बैग मिले थे। इसके बाद विभाग ने गोदाम से गेहूं का उठान भी कराया था।

पिछले दिनों अधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण किया तो उन्हें गेहूं खराब होने की जानकारी मिली। गेहूं साफ कराने का कार्य शुरू कराया। कुछ बोरियां बिल्कुल सड़ चुकी थी। गेहूं ही नहीं बल्कि बारदाना भी खत्म हो चुका था। अधिकारियों का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद ही पता चलेगा कितना गेहूं खराब हुआ है और कितना अच्छी हालत में मिला है। इसके बाद ही नुकसान का सही पता चल सकेगा। सूत्रों का कहना है कि बताया कि बारिश में भीगने के बाद इसे बचाने की व्यवस्था की गई, तबतक बोरियां भीग चुकी थी। उसके बाद भी इसे व्यस्थित नहीं किया गया।

गेहूं खराब होने की जानकारी के बाद इसकी सफाई कराई जा रही है। बारदाना तक सड़ चुका है, इसलिए अभी यह बताना मुश्किल है कि कितने गेहूं का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट बनने के बाद पता चला है। इसमें लापरवाही हुई है। -सतीश दहिया एएसएफओ

विभाग द्वारा साफ करके गेहूं की बनाई जा रही तीन ढेरियां

विभाग द्वारा गेहूं की सफाई करके तीन अलग-अलग ढेरी बनाई जा रही है। पहली ढेरी बिल्कुल साफ गेहूं की होगी। दूसरी ढेरी में उस गेहूं को शामिल किया जाएगा। जो खराब होना शुरू हुआ है। इस गेहूं का प्रयोग किसी रूप में किया जा सकता है। तीसरी ढेरी में वह गेहूं होगा, जो काला पड़ चुका है। इस गेहूं का प्रयोग नहीं किया जा सकता। कार्य पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय के पास भेजी जाएगी। जिससे मुख्यालय गेहूं खराब होने से हुए नुकसान का आंकलन कर सकें।

कर्मचारी के नहीं आने पर कमेटी को सौंपा था रखरखाव

लॉकडाउन के दौरान गोदाम से गेहूं के करीब 3764 बैग खुर्द-बुर्द करने का मामला उजागर होने के बाद गोदाम का रखरखाव कर रहे निरीक्षक रविंद्र हुड्डा और उप निरीक्षक धर्मबीर ने कार्यालय में आना बंद कर दिया था। विभाग ने रखरखाव के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी को समय-समय पर गोदाम का निरीक्षण करना था। जैसे गोदाम में नमी की मात्रा, बरसात के बाद धूप निकलने पर तिरपाल हटाने, दवा का छिछड़ाव, बरसात आने पर गेहूं पर तिरपाल डाला या नहीं सहित अन्य व्यवस्था शामिल हैं।

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