मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। इस संघर्ष के कारण कई देशों के एयरस्पेस प्रभावित हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं बाधित हो गई हैं और हजारों लोग अलग-अलग देशों में फंस गए हैं। इसी बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बड़ा कदम उठाते हुए एक विशेष रेस्क्यू मिशन शुरू किया है।
ताजा जानकारी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आज स्पाइसजेट की 7 विशेष उड़ानें भारत के लिए रवाना होंगी, जिनके जरिए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाएगा। ये उड़ानें मुख्य रूप से दुबई और फुजैराह जैसे शहरों से संचालित की जा रही हैं और दिल्ली, मुंबई तथा कोच्चि जैसे भारतीय शहरों में उतरेंगी।
मिडिल ईस्ट संकट का वैश्विक असर
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसे हालात ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर गंभीर असर डाला है। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपने एयरस्पेस आंशिक या पूरी तरह बंद कर दिए हैं। इसके कारण सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी हैं और हजारों यात्री फंस गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संघर्ष में लगातार हमले हो रहे हैं और कई देशों में जनहानि की खबरें भी सामने आई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए कई सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
भारत सरकार की सक्रिय तैयारी
भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेज़ी से कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री स्तर पर कई देशों से संपर्क किया गया है और विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय एयरलाइंस के साथ मिलकर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की है ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस भी इस मिशन में शामिल हैं और विशेष उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
स्पाइसजेट की विशेष उड़ानें
स्पाइसजेट ने घोषणा की है कि वह यूएई से कई स्पेशल रेस्क्यू फ्लाइट्स संचालित कर रही है। इन उड़ानों का मुख्य उद्देश्य उन भारतीय नागरिकों को वापस लाना है जो अचानक एयरस्पेस बंद होने के कारण फंस गए थे।
आज संचालित होने वाली 7 उड़ानों में सैकड़ों भारतीय यात्रियों को भारत लाया जाएगा। इन फ्लाइट्स को चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।
भारतीयों के लिए राहत
यूएई और अन्य खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं। ऐसे में यह रेस्क्यू मिशन हजारों परिवारों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। भारत सरकार और एयरलाइंस के इस संयुक्त प्रयास से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी उड़ानों के जरिए बाकी भारतीयों को भी सुरक्षित घर लाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो अंतरराष्ट्रीय यात्रा और ऊर्जा बाजार पर इसका असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है। फिलहाल भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।