सोनीपत में फोम फैक्ट्री में भीषण आग: काले धुएं से ढका आसमान, घंटों जूझती रहीं दमकल टीमें

sonipat-paramount-foam-factory-mein-aag-kala-dhua-yatayat-prabhavit

सोनीपत (हरियाणा) – शहर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पैरामाउंट कंपनी की फोम फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में आसमान में घना काला धुआं छा गया, जो कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा। धुएं के कारण आसपास के क्षेत्रों में लोगों में दहशत फैल गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।

कैसे लगी आग?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय फैक्ट्री परिसर से अचानक धुआं उठता दिखा। शुरुआत में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने गोदाम और उत्पादन इकाई के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।

फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालांकि कुछ लोगों को हल्की चोटें और धुएं से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई, जिन्हें पास के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सोनीपत और आसपास के क्षेत्रों से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त फायर टेंडर भी बुलाए गए। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया जा सका।

दमकल अधिकारियों के अनुसार फोम उद्योग में आग बुझाना चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि फोम अत्यधिक ज्वलनशील होता है और आग तेजी से फैलती है। साथ ही धुआं भी घना और विषैला हो सकता है, जिससे बचाव कार्य में बाधाएं आती हैं।

इलाके में दहशत का माहौल

आग लगने के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास की फैक्ट्रियों को एहतियातन खाली कराया गया। कई कार्यालयों और दुकानों ने अपने शटर बंद कर दिए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि काला धुआं इतना घना था कि कुछ समय के लिए दृश्यता काफी कम हो गई।

लोग अपने घरों की छतों और सड़कों पर जमा होकर आग की लपटें और धुआं देखते रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

यातायात पर असर

घटना के चलते मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया। कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्कूल बसों और ऑफिस जाने वाले लोगों को भी देरी हुई। ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति सामान्य करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की।

आग के कारणों की जांच

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लग सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

विशेषज्ञों की एक टीम फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों की स्थिति की भी जांच करेगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रभाव

फोम फैक्ट्री में लगी आग से निकला धुआं पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे धुएं में रसायनिक तत्व हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। प्रशासन ने आसपास के लोगों को घरों के अंदर रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई है।

आर्थिक नुकसान का अनुमान

हालांकि आग से हुए नुकसान का सटीक आंकलन अभी नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार फैक्ट्री को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। मशीनरी, कच्चा माल और तैयार माल का बड़ा हिस्सा आग की भेंट चढ़ गया।

कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही विस्तृत बयान जारी करेंगे।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घटना स्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

भविष्य के लिए सबक

यह घटना औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है। ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण और आपातकालीन निकासी की जानकारी भी समय-समय पर दी जानी चाहिए।

निष्कर्ष

सोनीपत में पैरामाउंट कंपनी की फोम फैक्ट्री में लगी यह आग न केवल औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई कितनी जरूरी है। राहत की बात यह है कि समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और दमकल विभाग ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भरपूर प्रयास किए।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाना और किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को कम करना है। जांच के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *